Thundan/ January 14, 2018/ Hindi Sex Stories/ 0 comments

नमस्कार दोस्तो, अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली चुदाई की कहानी है.

सबसे पहले मैं आप सबको अपने बारे में बता देती हूँ. मेरा नाम शिवानी है.. मैं एक शादीशुदा लेडी हूँ. मेरी उम्र 37 साल की है. मेरा फिगर 34-32-36 का है.. और रंग गोरा है. मैं अगर लड़कों की भाषा में अपने बारे में कहूँ तो मैं एक अच्छा ख़ासा माल हूँ. मैं आगरा में रहती हूँ.

यह जो कहानी मैं आपको बताने जा रही हूँ आज से 2 साल पहले हुई थी.. तब तक मैंने सिर्फ़ अपने पति के साथ ही सेक्स किया था. फिर मेरी सहेली ने मेरी पतिव्रत को तुड़वा दिया.

कॉलेज टाइम से ही अनीता मेरी एक बहुत अच्छी फ्रेंड थी. कॉलेज के बाद उससे बातचीत कम हो गई थी. फिर शादी के बाद तो ना के बराबर..

मेरे पास मेरी फ्रेंड का फोन किसी अज्ञात नम्बर से आया. मैंने बात की तो पता चला ये तो मेरी सबसे अच्छी दोस्त अनीता है. फिर उसने बताया कि उसने मेरा नम्बर बहुत मुश्किल से निकाला है और वो अब मेरे ही शहर में रह रही है. फिर उसने मेरा अड्रेस लिया और मुझसे मिलने आने को बोला.

दो दिन बाद मेरे घर पर अनीता खुद ही आ गई. मैं बहुत ज्यादा खुश थी कि आज इतने दिन बाद मेरी फ्रेंड मिली. उसके साथ अपनी कॉलेज की यादें ताज़ा हो गईं… और खूब बातें हुईं. फिर उसने मुझसे पूछा- तेरी लाइफ कैसी चल रही है?
मैं और वो बहुत ओपन थीं.. हर तरीके से बात कर लेते थे. उसने मुझसे कहा कि कॉलेज टाइम पर तो तूने किसी को हाथ फेरने का मौका तक नहीं दिया था. शादी के बाद अमित के अलावा किसी को तुझे चखने का मौका मिला?
मैंने कहा- पागल है क्या? मैं आज तक बस अमित के साथ ही हूँ. उसके अलावा किसी और का सोचा भी नहीं है.
उसने कहा- पागल लाइफ भी कुछ एंजाय कर ले या ऐसी ही एक खूंटे से बंधी रहेगी, इतनी जबरदस्त माल है तू.. कुछ तो मजा ले ले.
मैंने उसको टालते हुए कहा- चल पागल कुछ और बात कर..

पर वो कहाँ मान रही थी, उसको तो मेरी चुटकी लेने में मजा आ रहा था, उसने कहा- जीजू कितने टाइम में तेरा काम उठाते हैं? अमित जी तुझे तो रोज करते होंगे.
मैंने कहा- नहीं यार 15-20 दिन में एकाध बार… क्योंकि शॉप के चक्कर में ज्यादा बिज़ी रहते हैं.
उसने कहा- इस जवानी का कुछ मजा ले ले या यूं ही सूखी बनी रहेगी.
मैंने कहा- पागल, ये सब ग़लत है.
उसने कहा- एंजाय करने में कुछ गलत नहीं है.
मैंने कुछ नहीं कहा.

फिर वो मुझसे पूछने लगी कि हम चुदाई किस तरह से करते हैं, कौन कौन से आसन में करते हैं.
मैंने कहा- जस्ट नॉर्मल.
उसने कहा- कुछ फन नहीं..?
“कैसा फन?”
उसने कहा- लंड तो खूब चूसती होगी.
मैंने कहा- ना.. मैं नहीं चूसती.
तो उसने कहा- अमित नहीं बोलता?
मैंने कहा- शुरू में एक दो बार कहा, मैंने मना कर दिया तो अब वो नहीं कहते हैं.

उसने मुझसे कहा- तो वे तेरी चुत चूसते होंगे?
मैंने कहा- कभी कभी..
तो अनीता बोली- शिवानी तू सेक्स करती है बस.. पर तेरी बॉडी को चुदाई चाहिए. तेरी जवानी आग भरी हुई है. तूने अभी कुछ मजा ही नहीं लिया, जल्दी ही ले ले, वरना बहुत पछताएगी. एक बार कुछ सोच, इतना बढ़िया जिस्म है.. इसका कुछ मजा ले.

उसकी इस तरह की कामुक बातों से अब कहीं ना कहीं मैं भी उसकी बातों में खोने लगी क्योंकि मुझे भी पता था कि मैं क्या हूँ और लोग मुझे कैसे देखकर आहें भरते हैं. तो मैं भी कहीं ना कहीं खोने लगी कि क्या मैं कुछ एंजाय करूँ?

इतने में वो बोली- सोच मत ज्यादा, मैं सच कह रही हूँ.
फिर उसने कहा- मेरी एक इच्छा है, मैंने तेरे से कितनी बार कहना चाहा, पर कह नहीं पाई.
मैंने कहा- बोल क्या?
वो बोली- मैं तेरे साथ एक बार लेस्बियन होना चाहती हूँ.
मैंने कहा- हट पागल, किसी और दिन कर लियो.
वो बोली- बेबी, तू आज बहुत हॉट लग रही है.

फिर उसके कुछ मान-मनव्वल के बाद मैं लेस्बो के लिए मान गई और हम दोनों मेरे बेडरूम में आ गए.

उसने मुझे किस किया, मैं भी उसे चूमने लगी. उसने मेरा सूट सलवार उतारा और अपनी भी सलवार सूट भी निकाल दिया. फिर उसने मेरी ब्रा हटाकर मेरे मम्मों को रगड़ कर चूसने लगी. मैं तो इतने में ही आहें भरने लगी. उसने मेरे दोनों मम्मों को खूब दबाया और फिर मुझे भी करने को कहा.

मैं तो इस खेल में फर्स्ट टाइमर थी, पर मुझे उसके मम्मों को दाबने में, चूसने में मुझे बहुत मजा आया. फिर वो मेरी चुत चूसने लगी. उसने जीभ से चुत चूसी और उंगली करने लगी. मैं मस्त हो गई और ‘इई अहहह..’ करने लगी.

पर सच ये था कि चुत चुसवाने में मुझे बहुत मजा आया. इतना मजा चुत चूसने में कभी अमित ने नहीं दिया था. अनीता की चुत उंगली करने से ही मैं झड़ गई थी. फिर मैंने उसकी चुत चूसी.. मुझे मजा आ गया.

बाद में फ्रेश होकर हम दोनों खाना खाने बैठ गए. फिर अनीता मुझसे बोली- अब सच बता.. कैसे लगा तुझे?
मैंने कहा- यार सच तो ये है कि मुझे बहुत मजा आया.
फिर वो बोली- बेबी, ये तो कुछ नहीं था.. असली मजा चुदाई में आता है और अभी तक तेरी चुदाई तो सही मायने में हुई ही नहीं है.
मैंने उसको कहा- हाँ यार, मैंने असली मजा नहीं लिया.
उसने कहा- तुझे लेना चाहिए.. कोई बॉयफ्रेंड नहीं है तेरा?
मैंने कहा- नहीं..

उसने कहा- तू मजे लेना चाहती है?
मैंने कहा- शायद..
फिर उसने मुझे अपने मोबाइल से एक लड़के की पिक दिखाई.. और बोली- कैसा है?
मैंने कहा- मस्त है..
बोली- इससे मजा लेगी?
मैंने कहा- कौन है?
बोली- ये मेरे को खुश करता है.. मेरा बॉयफ्रेंड है.
“हम्म…”

उसने कहा- कर ले इससे, तुझे अपने इस जिस्म का असली मजा आ जाएगा.
मैंने उससे ‘हाँ’ कह दिया- पर कोई प्राब्लम तो नहीं होगी, किसी को पता तो नहीं चलेगा?
उसने कहा- डोंट वरी बेबी.. कुछ नहीं होगा…
मैंने उससे कहा- ठीक है चल सब कुछ भूल कर तेरे कहने पर एक बार ट्राई करती हूँ.
वो मुस्कुरा कर मुझे चूमने लगी.

मैंने उससे कहा- ये सब करने को तेरा वो तैयार होगा?
वो बोली- तुझे देख कर कौन मना करेगा जानी?

फिर उसने एक फोन मिलाया और उसने मेरे बारे में उससे बात की, उसे मेरी पिक दिखाई.
वो पागल हो गया और बोला- बेबी, जल्दी से जल्दी मिलो..

अब सवाल ये था कि कहाँ किया जाए.

अनीता ने कहा- कुछ ऐसा होना चाहिए जो पूरी तसल्ली से हो. ताकि तू असली मजा ले पाए.
मैंने कहा- तसल्ली से तो रात को ही होता है.
तो वो हंसते हुए बोली- अच्छा मैडम, पूरी रात चुदाई का मजा लेना चाहती हैं.
मैंने भी हंसते हुए कहा- क्यों नहीं.. जब कुछ कर ही रहे हैं तो अच्छे से करें. बदनाम भी हो ओर मज़े भी ना लें.
फिर उसने कहा- पूरी रात का जुगाड़ करती हूँ.

अचानक उसको याद आया कि परसों उसके पति बाहर जा रहे हैं और बच्चे मामा के घर जाएंगे, वो उस दिन घर में अकली रहेगी.
उसने अपने बॉयफ्रेंड को परसों रात का बोला.

अब थी बात मेरे उसके घर आने की.. फिर उसने अमित को फोन किया- अमित उसको जानता था. क्योंकि ये मेरी बहुत अच्छी फ्रेंड थी. उसने अमित से कहा- मैं इसी शहर में हूँ आपको परसों मेरे घर आना है. मेरे बेटे का बर्थडे है.

मुझे पता था कि अमित पर वर्कलोड बहुत ज्यादा है, वो नहीं जाएगा.

उसने वही कहा- अनीता जी मैं नहीं आ पाऊंगा, पर शिवानी ज़रूर आएगी.
फिर उसने कहा- ठीक है पर शिवानी रात को मेरे पास रुकेगी, मैं उसे आने नहीं दूँगी.
अमित ने कहा- कोई प्राब्लम नहीं..
आख़िरकार सब सैट हो गया, मेरे चेहरे पर एक मुस्कुराहट आ गई.
अनीता भी खुश थी- अब तेरी असली चुदाई होगी.

तो दोस्तो, अब वो दिन आ गया जिस दिन मेरी चुदाई होनी थी. मन ही मन मैं नर्वस भी थी और उत्साहित भी थी.

मैंने अपने को पूरा क्लीन किया एकदम चिकनी चुत कर ली. मैंने अपनी ड्रेस में ब्लू ब्रा बिल्कुल टाईट और ब्लू कट वाली डिजायन में पेंटी पहनी.. सिल्वर कलर का ब्लाउज बॅक कट में.. और ब्लैक नेट की साड़ी.

मैं शाम को 7 बजे अनीता के घर पहुँच गई. अनीता मुझे देख कर बोली- वाहह.. साली तू चुदने के लिए क्या मस्त माल बन कर आई है.
मैं हंसने लगी.

फिर हम दोनों बात करने लगे. तभी 8 बजे उसका ब्वॉयफ्रेंड राजीव भी आ गया. अनीता ने उससे मुझसे मिलवाया. उसने मेरे को हैलो किया और सीधा हग कर दिया.
वो बोला- वाह क्या माल हो तुम यार…
मैं मुस्कुरा दी.

फिर उसने कहा- थैंक्स अनीता, इससे अच्छा और दूसरा गिफ्ट नहीं हो सकता था.
उसकी इस बात से मुझे पता लगा कि आज उसका बर्थडे है.

मैंने उसको विश किया.. वो बोला ऐसे सूखा सूखा विश?
मैंने कहा- सूखा कहाँ सब गीला होगा, पर अभी तो शुरू है.
सब हंसने लगे.. फिर हम सबने डिनर किया.. और बेडरूम में पहुँच गए.

फिर राजीव ने कहा- अब और मत तड़पाओ..
मैंने ओके कर दिया.. पर वो बोला- यार ऐसे मजा नहीं आएगा.. पहले 2-2 पैग हो जाएं.
मैंने कहा- मैं नहीं पीती.
अनीता बोली- चुद भी तो ऐसे पहली बार रही है पी भी ले.. चुदाई का मजा 4 गुना हो जाएगा.

मैंने उन दोनों के कहने पर 2 पैग लगा लिए. अब शुरू हुई मेरी चुदाई की कहानी.

अनीता बोली- चलो अब तुम शुरू हो जाओ.. मैं तुमको देखूँगी.
मैंने कहा- तू ज्वाइन नहीं करेगी?
उसने कहा- मैं तो कल ही चुदी हूँ.. आज की पूरी रात तो तेरी है.

फिर उसने मुझे एकदम दीवार से लगाया और मुझे बुरी तरह से किस करने लगा. मैं भी अच्छे से उसका साथ देने लगी. मेरे दोनों होंठ काट कर उसने मुझे घुमाया और मेरे बाल साइड करके मेरी गर्दन और कमर को चूमने और चूसने लगा.

मैं तो मस्त होने लगी. कुछ शराब और कुछ उसकी गर्मी का मजा भी था. उसने मेरा पेट चूसते हुए मेरी पूरी साड़ी खोल दी और मुझे उठा कर बेड पर पटक दिया.
अब वो बोला- बेबी कैसा लगा?
मैंने कहा- गिराया क्यों?
कहने लगा- क्योंकि तुम्हारी चुदाई करनी है ना..
अनीता बोली- शिवानी, ये चोदते हुए गाली भी देता है, तू सब एंजाय करना.

राजीव ने मेरे ऊपर गिर कर से मेरे होंठ चूसते हुए ब्लॉउज खोल दिया. उसके बाद ब्रा को हटाया और बुरी तरह मेरे मम्मों को चूसते हुए पूरे लाल कर दिए. अब उसने मेरा ब्लाउज पेटीकोट सब उतार दिया और खुद भी सिर्फ़ अंडरवियर में आ गया. मैं मदहोश होने लगी.
फिर उसने मेरी चुत चूसी.. मैं तो बस खो गई, उम्म्ह… अहह… हय… याह… करती रही.
उसका चुत चूसना ऐसा था कि मैं कुछ ही पलों में झड़ गई और वो सब चुत रस पी गया.

अब उसने उठाया और मेरे मुँह के आगे अपना अंडरवियर कर दिया.
बोला- चूसो..
मैंने कहा- नहीं मेरे से नहीं होगा.
उसने कहा- करो तो जान मजा आएगा.
मैं नहीं मानी.

वो बोला- साली चुत तो बड़े मजे से चुसवा रही थी.. सुन मैं कोई तेरा पति नहीं, जो तेरे मना करने पर मान जाऊं.
फिर मैंने अपने मुँह में उसके लंड का सुपारा ही लिया.. और एकदम से निकाल दिया.
फिर अनीता ने कहा- यार चूस तो, मजा आएगा.

फिर मैंने थोड़ा सा लंड अन्दर भर लिया. मुझे कुछ अलग सा लगा और मैं लंड चूसने लगी. उसने मेरे हाथ नीचे दबाए और बालों को पीछे टाईटली पकड़ा.. और मेरे मुँह में लंड काफ़ी अन्दर डाल दिया.
मुझे उलटी सी होने लगी, मैंने उसे हटाने को कहा.. उसने नहीं हटाया, बल्कि लंड को मेरे मुँह में अन्दर बाहर करके मेरा मुँह चोदने लगा.

फिर उसने कुछ देर बाद लंड बाहर निकाला और बोला- कैसा लगा?
मेरी आँख से आँसू आ गए..
अनीता बोली- ये हुई ना शिवानी के मुँह की चुदाई..
मैं हंसने लगी और कहा- साली कमीनी..

फिर राजीव ने मुझे लिटाया और मेरे नीचे एक तकिया लगा दिया..इससे मेरी चुत उठा गई थी. उसने चुत पर अपना लंड सैट कर दिया.. और 2 धक्कों में ही पूरा लंड अन्दर पेल दिया.
वैसे तो मैं कोई पहली बार नहीं करवा रही थी, पर मुझे काफ़ी दर्द हुआ.
मैं चिल्लाने लगी- इअहह.. आह…. हुईईई..

वो मुझे मस्ती से चोदने लगा. मैं आँख बंद करके बस मस्ती से चुदने लगी, आहहा हुउऊहा.. करके मैं अपनी चुदाई करवा रही थी.
तभी मुझे अहसास हुआ कि मेरे मुँह पर एक लंड और है. मैंने आँख खोली तो एक लड़का नंगा मेरे होंठ पर लंड लेकर खड़ा था. मैंने तुरंत राजीव को हटाया.. और कहा- ये कौन है?

मैं अपने को चादर से ढकने लगी. अनीता हंसने लगी और वे दोनों भी.
“बेबी अभी चुद रही थी तू ऐसे क्यों ढक रही है?”
अनीता बोली- तेरी चुदाई के लिए ज़रूरी है.. तेरी चुदाई दोनों के लंड से हो. ये इसका फ्रेंड है.
मैंने मना किया, तभी दूसरा वाला जिसका नाम राहुल था, वो बोला- बेबी, चुदने आई हो तो असली मजा लो…

उन सभी के कहने के बाद मैं मान गई. मेरे पास और कोई चारा भी नहीं था. फिर मुझे राहुल ने किस किया और गांड पर चपत मारी. अब उसने मुझे घोड़ी बना कर मेरी चुत में लंड पेल दिया.
राजीव ने मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया, मैं एक साथ दो लंड से चुद रही थी. मेरे मुँह से आवाज़ भी नहीं आ रही थी. पर सच में दोस्तो जो मजा मुझे आया वो कभी नहीं मिला था.

फिर राहुल ने मेरी गांड मारी और फिर दोनों ने मुझे गोद में लेकर एक साथ मेरी चुत और गांड मारी. एक साथ चुत और गांड मराने पर, वो भी हवा में जब मेरी सैंडविच चुदाई हुई तो इसमें मुझे सबसे ज्यादा मजा आया.
फिर वो दोनों झड़ने को हुए.. उन्होंने तो गोली ली थी और मैं तो अब तक 3 बार झड़ चुकी थी.

इसके बाद उन्होंने मुझे बिठा दिया.. उनका मन मुझे रस पिलाने का था.
मैंने कहा- तुम मेरे पेट पर गिरा लो.
वे कहने लगे- नहीं, हम तो तेरे फेस पर माल गिराएंगे.
मैंने कहा- नहीं यार प्लीज़… मान जाओ.
राजीव कहने लगा- ठीक है.
पर राहुल बोला- साले ऐसे माल रोज नहीं मिलते.. आज तो तेरे फेस पर गिराएंगे, अगर अगली बार चुदवाएगी तो तेरी चलेगी.

उसने इतने में मेरे फेस पर गिरा कर मेरा फेशियल कर दिया. गोली की वजह से उसका बहुत वीर्य निकला. मेरा पूरा चेहरा वीर्य से भर गया. तभी राजीव ने भी माल गिरा दिया.. दोनों के वीर्य से मेरा पूरा फेस, बाल आँख सब भीग गए.. मैं वीर्य से मानो नहा चुकी थी.

फिर मुझे ज़बरदस्ती उन दोनों का लंड चाटकर साफ करना पड़ा.. हालांकि मुझे वीर्य का स्वाद अच्छा लगा.

उस रात उन्होंने मुझे एक बार और सैंडविच बना कर चोदा था. इसके बाद राहुल चला गया था, फिर बाक़ी रात भर राजीव ने ही मुझे खूब चोदा. मैं राजीव के लंड से चुद कर बहुत खुश थी. मुझे अपने जिस्म का असली मजा मिला था.

तो दोस्तो, यह थी मेरी चुदाई की कहानी. कि कैसे मैंने अपना पतिव्रत तोड़ दिया.

आप मुझे बताना, मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी.
मेरी ईमेल आई डी.
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