Thundan/ September 1, 2017/ Hindi Romantic Stories, Hindi Sex Stories

लेखिका – कशिश
अनुवाद तथा संपादन – मस्त कामिनी
डॉक्टर की उम्र उस समय, करीब 50-52 की होगी।
वो 2 बजे तक, अपनी क्लिनिक में बैठता था जो की उसके घर के आगे के हिस्से में थी…
एक सुंदर और जवान औरत, दिन में वहाँ आती थी.. जो की, डॉक्टर के लिए खाना बनाती थी और घर के, दूसरे काम भी करती थी..
मैं हमेशा सोचती थी की वो औरत, केवल डॉक्टर का घर ही नहीं संभालती थी बल्कि डॉक्टर को भी संभालती थी..
मतलब, वो औरत डॉक्टर से ज़रूर ही चुदवाती होगी… !!
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अब पढ़िए आगे –
मैंने दोनों को, डॉक्टर को और सांवली औरत को, उनके घर के अंदर कमरे में देखा.. जिसका, दरवाजा खुला था और मुझे साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था..
डॉक्टर, कुर्सी पर बैठा कुछ पढ़ रहा था और काम वाली कमरे की सफाई कर रही थी।
डॉक्टर ने उसको कुछ कहा तो वो काम छोड़ कर, अलमारी की तरफ गई और मैंने देखा की उसके हाथों में कुछ कपड़े थे..
उन कपड़ों को ले कर, वो कमरे के अंदर ही बाथरूम में चली गई।
जब वो, थोड़ी देर बाद वापस आई तो मैंने देखा की वो एक बहुत सुंदर गुलाबी रंग की ब्रा और चड्डी पहने हुए थी…
शायद, डॉक्टर की तरफ से सांवली को तोफहा था और ज़रूर ही डॉक्टर ने उसको पहन कर दिखाने को कहा होगा..
वो, एकटक उसी को देख रहा था।
जैसा की मैंने लिखा है की सांवली सुंदर थी..
उसकी भारी भारी चूचीयाँ और भारी गाण्ड, उस गुलाबी रंग की ब्रा और चड्डी में बहुत सेक्सी लग रही थी…
वो, बातें कर रहे थे और वो डॉक्टर की ओर बढ़ी।
दोनों, आपस में होठों का चुंबन लेने लगे और मेरा सोचना सही था की दोनों में चुदाई का रिश्ता था..
मेरे लिए, उन को देखना टाइम पास करने का अच्छा साधन था।
वो दोनों अलग हुए और उसने फिर से, केवल ब्रा और चड्डी पहने ही कमरे की सफाई करनी शुरू कर दी।
मैंने सोचा की शायद इतना ही होगा, पर मैं ग़लत थी..
हल्की हल्की बरसात, फिर से शुरू हो गई थी।
डॉक्टर, अपनी सेक्सी काम वाली को ब्रा और चड्डी में काम करते देखता रहा और वो बातें करते रहे।
जब वो, उसके पास से गुज़री तो डॉक्टर ने उसकी भारी भारी चूचीयाँ को दबा दिया..
वो, हंस पड़ी…
अब डॉक्टर ने उसके पैरों के बीच हाथ डाल कर, कुछ किया तो वो हवा में उछल पड़ी..
ज़रूर, डॉक्टर ने सांवली की चूत में या गाण्ड में उंगली की थी।
वो उसकी तरफ देखती हुई, फिर से हंस पड़ी…
वो, उसके पास आ कर खड़ी हुई तो डॉक्टर ने बैठे बैठे उस को कस कर पकड़ लिया..
वो खड़ी थी और प्यार से डॉक्टर के बालों में हाथ फिरा रही थी।
डॉक्टर का सिर, उसकी भारी चूचीयाँ के बीच था और वो अपना चेहरा उस की चूचीयाँ पर ब्रा के ऊपर से रगड़ रहा था..
उसके हाथ, उसकी मोटी गाण्ड को दबा रहे थे…
उसने अपने हाथ से अभी अभी सांवली को तोहफे में दी गई ब्रा की दोनों पटियों को बिना हुक खोले, उसके कंधे से नीचे कर दिया।
सांवली ने अपने हाथ नीचे करके, ब्रा की पट्टियों से निकाल लिए और डॉक्टर ने उसकी ब्रा को नीचे पेट की तरफ करके, उस की चूचियों को नंगा कर दिया..
अब उसकी गुलाबी ब्रा, उसकी गुलाबी चड्डी के पास पहुँच गई थी।
उस की बड़ी बड़ी चूचीयाँ, डॉक्टर के सामने “नंगी” थीं…
डॉक्टर, सांवली की नंगी चूचियों पर अपना चेहरा रगड़ रहा था और फिर उसने उस की एक निप्पल, अपने मुँह में ले ली..
उन लोगों की गरमी, मुझ में भी आने लगी..
मेरी चूत में भी, उन लोगों को देख कर हलचल मचने लगी..
वो एक के बाद एक, काम वाली की चूचीयाँ और निप्पल किसी भूखे जानवर की तरह चूसे जा रहा था..
सांवली का सिर भी चूचीयाँ चुसवाते हुए, आनंद से आगे पीछे हिल रहा था..
मैं उनको देख कर मज़ा ले रही थी और आप तो जानते हैं की मैं कितनी सेक्सी हूँ और जो मैं देख रही थी, वो मुझे उत्तेजित करने के लिए काफ़ी था…
मेरी जीन्स के अंदर, मेरी चड्डी गीली होने लगी और अपने आप ही मेरी उंगलियाँ मेरी जीन्स के ऊपर से ही, जहाँ मेरी चूत थी, वहाँ फिरने लगी।
वो दोनों कुछ ऐसी पोज़िशन में थे की मैं सांवली का चेहरा नहीं देख पा रही थी।
डॉक्टर, कुर्सी पर दरवाजे की तरफ मुँह कर के बैठा हुआ था और मैं डॉक्टर का मुँह और सांवली की गाण्ड देख पा रही थी।
अब सांवली नीचे बैठ गई थी और डॉक्टर ने अपनी पैंट की ज़िप खोली तो सांवली ने अपने हाथ से उसका लौड़ा पकड़ कर, बाहर निकाल लिया…
मैं इतनी दूर थी.. फिर भी, मैंने साफ़ साफ़ देखा की डॉक्टर का लण्ड काफ़ी बड़ा था और उसके चारों तरफ काले काले, बड़े बड़े बाल थे…
सफर जारी है… …
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